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विस्तृत उत्तर
जनलोक में बुढ़ापा, रोग और मृत्यु का भय नहीं होता। यहाँ के निवासी स्थूल भौतिक शरीरों में नहीं रहते, बल्कि सूक्ष्म शरीरों से युक्त होते हैं। जनलोक अकृतक लोक है और भौतिक प्रकृति के क्लेशों से मुक्त है। यहाँ अंधकार, भूख, प्यास, बुढ़ापा, रोग और मृत्यु का भय नहीं बताया गया है।
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