ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
क्या है

शिव पुराण क्या है?(17)

शिव पुराण का अर्थशिव पुराण क्या है?शिव पुराण का महत्व
सरल उत्तर

केदारनाथ शिव का पाँचवाँ ज्योतिर्लिंग है। पांडवों ने गोत्र-हत्या से मुक्ति के लिए शिव खोजे — शिव भैंसे रूप में अंतर्धान हुए और उनका 'केदार' (पीठ-भाग) यहाँ स्थापित हुआ। शिव पुराण में यह पापनाशक और मोक्षदायी तीर्थ बताया गया है।

स्रोत प्रश्न: चार धामों में केदारनाथ का विशेष महत्व शिव पुराण में क्या है →
शिवलिंग प्रकार

शिवलिंग की ऊंचाई और चौड़ाई का शास्त्रीय अनुपात क्या है?

शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता): ऊंचाई:चौड़ाई = 2:1 (दोगुनी ऊंचाई)। मंदिर: यजमान के 12 अंगुल ऊंचाई उत्तम। तीन भाग: ब्रह्म (चौकोर, गड़ा), विष्णु (अष्टकोणीय, पीठिका), रुद्र (गोलाकार, पूजित)। घर: 2-4 इंच ऊंचाई, 1-2 इंच व्यास आदर्श।

#अनुपात#ऊंचाई#चौड़ाई
शिव धाम महिमा

चार धामों में केदारनाथ का विशेष महत्व शिव पुराण में क्या है

केदारनाथ शिव का पाँचवाँ ज्योतिर्लिंग है। पांडवों ने गोत्र-हत्या से मुक्ति के लिए शिव खोजे — शिव भैंसे रूप में अंतर्धान हुए और उनका 'केदार' (पीठ-भाग) यहाँ स्थापित हुआ। शिव पुराण में यह पापनाशक और मोक्षदायी तीर्थ बताया गया है।

#केदारनाथ#ज्योतिर्लिंग#पांडव
शिव महिमा

दक्ष प्रजापति कौन थे और शिव से उनका क्या विवाद था?

दक्ष प्रजापति ब्रह्मा के मानस पुत्र और सृष्टि के प्रमुख प्रजापति थे। शिव से उनका विवाद इसलिए था क्योंकि सती ने उनकी इच्छा के विरुद्ध शिव का वरण किया, और एक यज्ञ में शिव के खड़े न होने को दक्ष ने अपना अपमान मानकर शत्रुता मोल ली।

#दक्ष प्रजापति#शिव दक्ष विवाद#सती
शिव महिमा

शिव की जटाओं में गंगा को धारण करने की कथा क्या है?

गंगा अहंकार से शिव को बहाने की इच्छा से उतरी, परंतु शिव ने जटाएं खोलकर उन्हें उलझा लिया। कई वर्षों बाद भगीरथ की विनती पर एक धारा को धरती पर उतारा। उस धारा से सगर के पुत्रों को मोक्ष मिला और शिव गंगाधर कहलाए।

#गंगाधर#गंगा जटा#भागीरथी
शिव पुराण परिचय

कोटिरुद्र संहिता में क्या है

कोटिरुद्र संहिता (9,000 श्लोक) में भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों — सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम, घृष्णेश्वर — की उत्पत्ति और महिमा का वर्णन है।

#कोटिरुद्र संहिता#ज्योतिर्लिंग#बारह ज्योतिर्लिंग
शिव पर्व

शिवरात्रि की रात जागरण का शास्त्रीय कारण क्या है?

शिव पुराण: इसी रात ज्योतिर्लिंग प्रकट + शिव-पार्वती विवाह। चार प्रहर अभिषेक केवल रात्रि में संभव। शिव = निशाचर, रात्रि ऊर्जा सर्वाधिक। इन्द्रियां अंतर्मुख → साधना अनुकूल। शिकारी कथा: अनजाने जागरण से भी मोक्ष।

#शिवरात्रि#जागरण#रात्रि
शिव पुराण

शिव पुराण में कितने संहिताएं हैं और प्रत्येक का विषय क्या है?

प्रचलित शिव पुराण: 7 संहिताएं। (1) विद्येश्वर — ओंकार, शिवलिंग, रुद्राक्ष। (2) रुद्र — सती, पार्वती विवाह, गणेश-कार्तिकेय जन्म। (3) शतरुद्र — शिव अवतार। (4) कोटिरुद्र — 12 ज्योतिर्लिंग। (5) उमा — स्त्री धर्म, पाप-पुण्य। (6) कैलास — मोक्ष, दर्शन। (7) वायवीय — पाशुपत विज्ञान, योग। मूलतः 12 संहिताएं, 1 लाख श्लोक; व्यास ने 24,000 में संक्षिप्त किया।

#शिव पुराण#संहिता#पुराण संरचना
लोक

श्रीमद्भागवत और शिव पुराण में भस्मासुर कथा का अंतर क्या है?

भागवत में विष्णु ब्रह्मचारी रूप से वृकासुर को भ्रमित करते हैं, जबकि शिव-पुराण परंपरा में मोहिनी रूप अधिक प्रसिद्ध है।

#भागवत#शिव पुराण#भस्मासुर अंतर
व्रत-पूर्व तैयारी

नहाए बिना पूजा कैसे करें — मंत्र स्नान क्या है?

शिव पुराण: 'आपोहिष्ठा' मंत्र की तीन ऋचाएं पढ़ते हुए क्रमशः पैर-मस्तक-हृदय पर जल छिड़कें। यह मंत्र स्नान पूर्ण शारीरिक स्नान का विकल्प है। इसके बाद तीन बार आचमन करें।

#मंत्र स्नान#आपोहिष्ठा#बिना नहाए पूजा
जप संख्या

शिव पुराण के अनुसार 5 लाख और 10 लाख जप से क्या होता है?

शिव पुराण (2.1.14): 5 लाख जप = भगवान शिव के प्रत्यक्ष दर्शन और समस्त कामनाएं पूर्ण; 10 लाख जप = अकल्पनीय पुण्य। कलियुग में 5 लाख (चार गुना) जप अनुशंसित, सवा लाख न्यूनतम प्रामाणिक संख्या।

#5 लाख जप#10 लाख जप#शिव दर्शन
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

१ मुखी रुद्राक्ष के प्रमाणित बीज-मंत्र क्या हैं?

१ मुखी रुद्राक्ष का प्रमाणित बीज मंत्र 'ॐ ह्रीं नमः' है।

#1 मुखी मंत्र#बीज मंत्र#शिव पुराण
पाशुपत अस्त्र साधना

पाशुपतास्त्र साधना का मुख्य शास्त्रीय आधार क्या है?

यह साधना महाभारत, अग्नि पुराण, शिव पुराण और रुद्रयामल तंत्र जैसे प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है।

#शिव पुराण#महाभारत#अग्नि पुराण
पुराण परिचय

शिव पुराण क्या है?

शिव पुराण वेदव्यास रचित 24,000 श्लोक, 7 संहिताओं का महापुराण है। इसमें ज्योतिर्लिंग कथा, सती-पार्वती कथा, शिव-पार्वती विवाह, गणेश-कार्तिकेय जन्म, हलाहल पान और शिव-विष्णु एकता का संदेश है।

#शिव पुराण#7 संहिता#24000 श्लोक
पुराण परिचय

शिव पुराण क्या है?

शिव पुराण वेदव्यास रचित 18 महापुराणों में से एक है — 24,000 श्लोक, 7 संहिताएं। इसमें शिव के सभी स्वरूप, सती-पार्वती कथा, गणेश जन्म, 12 ज्योतिर्लिंग माहात्म्य, दक्ष यज्ञ और हलाहल पान की कथाएं हैं। शिव-विष्णु एकता का संदेश इसकी विशेषता है।

#शिव पुराण#7 संहिता#शिव कथा
पुराण परिचय

शिव पुराण क्या है?

शिव पुराण 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें 24,000 श्लोक हैं। इसमें 7 संहिताएं हैं — शिव पूजा विधि, 12 ज्योतिर्लिंग कथाएं, शिव-पार्वती विवाह और मोक्ष मार्ग का वर्णन है। वेदव्यास जी इसके रचयिता हैं।

#शिव पुराण#महापुराण#संहिता
शिव रूप

शिव के रुद्र रूप के ग्यारह अवतारों के नाम क्या हैं?

शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18.27): कपाली, पिंगल, भीम, विरूपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड, भव। भागवत: मन्यु, मनु, महिनस, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत। सुरभी पुत्र — देवकार्य हेतु।

#एकादश रुद्र#ग्यारह#अवतार
शिव अवतार

वीरभद्र अवतार का कारण और कथा क्या है?

माता सती के दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह करने पर शिव के अत्यंत क्रोध से जटा के पूर्वभाग से वीरभद्र प्रकट हुए। उन्होंने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस किया और दक्ष का सिर काट दिया। यह शिव के क्रोध का प्रलयंकारी अवतार था।

#वीरभद्र#शिव अवतार#दक्ष यज्ञ
और क्या है
अन्य शब्दों के क्या है

सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के क्या है।

शिव पुराण टैग
शिव पुराण पर सम्पूर्ण संग्रह

सभी शिव पुराण सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।