लोकलोकालोक पर्वत क्या है?लोकालोक पर्वत भूमण्डल की सबसे बाहरी सीमा है जो प्रकाश और अंधकार को विभाजित करती है। यह 10,000 योजन ऊँचा है और यहाँ स्वयं भगवान विष्णु निवास करते हैं।#लोकालोक पर्वत#प्रकाश अंधकार#भूलोक सीमा
लोकमहाराज प्रियव्रत कौन थे?महाराज प्रियव्रत स्वायम्भुव मनु के पुत्र थे जिन्होंने 11 करोड़ वर्षों तक शासन किया। उनके रथ के पहियों से सप्तद्वीप बने और उन्होंने सात पुत्रों को सात द्वीपों का राजा बनाया।#महाराज प्रियव्रत#स्वायम्भुव मनु#भूमण्डल
श्रीमद्भागवतकुंती स्तुति क्या है?कुंती स्तुति में कुंती ने कृष्ण को प्रकृति से परे परम पुरुष, भक्तों के रक्षक और जन्म-मृत्यु से छुड़ाने वाले भगवान के रूप में नमस्कार किया।#कुंती स्तुति#कृष्ण#भक्ति
श्रीमद्भागवतनारद और व्यास संवाद क्या है?नारद-व्यास संवाद की भूमिका है: व्यासजी अपने अधूरेपन पर विचार कर रहे थे, तभी नारदजी आए और व्यासजी ने उनका विधिपूर्वक पूजन किया।#नारद व्यास संवाद#व्यास असंतोष#नारद
श्रीमद्भागवतकृष्ण के बाद भक्तों का सहारा क्या है?उद्धव की चिंता के उत्तर में भगवान भक्तों के अवलंबन के लिये अपना तेज श्रीमद्भागवत में स्थापित करते हैं।#कृष्ण#उद्धव#भक्त
लोकश्रीमद्भागवत और शिव पुराण में भस्मासुर कथा का अंतर क्या है?भागवत में विष्णु ब्रह्मचारी रूप से वृकासुर को भ्रमित करते हैं, जबकि शिव-पुराण परंपरा में मोहिनी रूप अधिक प्रसिद्ध है।#भागवत#शिव पुराण#भस्मासुर अंतर
लोकवृकासुर की कथा क्या है?वृकासुर ने शिव जी से घातक वरदान पाया, शिव जी पर ही उसका परीक्षण चाहा और विष्णु की योगमाया से मारा गया।#वृकासुर कथा#भस्मासुर#भागवत
लोकचतुःश्लोकी भागवत क्या है?चतुःश्लोकी भागवत भागवत के चार मूल ज्ञान-श्लोक हैं।#चतुःश्लोकी भागवत#भागवत#ज्ञान
लोकसत्यलोक के निवासियों की करुणा का दार्शनिक अर्थ क्या है?सत्यलोक की करुणा अद्वैत ज्ञान से उत्पन्न है — जब जीव समस्त प्राणियों में स्वयं को देखता है तो उनकी पीड़ा उसकी अपनी पीड़ा बन जाती है। यह 'सर्वम् ब्रह्म' की अनुभूति है।#करुणा#दार्शनिक#अद्वैत
लोकनैमित्तिक प्रलय में सत्यलोक का क्या होता है?नैमित्तिक प्रलय में सत्यलोक पूर्णतः अछूता रहता है। भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक नष्ट होते हैं और महर्लोक के ऋषि जनलोक जाते हैं — पर सत्यलोक सुरक्षित रहता है।#नैमित्तिक प्रलय#सत्यलोक#अछूता
लोकहाटक रस क्या है?हाटक रस एक मादक और कामोद्दीपक पेय है जो अतल लोक की स्त्रियाँ वहाँ आने वाले पुरुषों को पिलाती हैं। इसे पीने से व्यक्ति मिथ्या अहंकार में डूब जाता है।#हाटक रस#अतल लोक#मादक
लोकबल असुर की 96 मायाएं क्या हैं?बल असुर ने 96 प्रकार की जादुई मायाएं बनाई हैं। आज भी पृथ्वी के मायावी लोग इनमें से एक-दो को ही जानते हैं। इन मायाओं से अतल लोक में सभी सुख स्वतः मिलते हैं।#96 माया#बल असुर#जादुई
प्रमुख पौराणिक कथाएंगजेन्द्र मोक्ष की कथा क्या है?गजेन्द्र (हाथियों का राजा) सरोवर में जल पीने गया → ग्राह (मगरमच्छ) ने पाँव पकड़ा → हज़ारों वर्ष संघर्ष → परिवार ने भी छोड़ा → परब्रह्म की स्तुति → भगवान गरुड़ पर आए → सुदर्शन चक्र से ग्राह का वध → गजेन्द्र का उद्धार।#गजेन्द्र मोक्ष#ग्राह#भागवत
भक्ति दर्शनहिंदू धर्म में भक्ति क्या है?भक्ति ईश्वर के प्रति परम, निष्काम प्रेम है। भागवत पुराण में प्रह्लाद द्वारा बताई नवधा भक्ति — श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पाद-सेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्म-निवेदन — भक्ति के नौ रूप हैं।#भक्ति#प्रेम#उपासना