शंकराचार्य के अनुसार माया वह अनिर्वचनीय शक्ति है जो ब्रह्म के एकमात्र सत्य को आच्छादित करके जगत की मिथ्या प्रतीति कराती है। ज्ञान से ही माया का पर्दा हटता है।
अंतर्धान अस्त्र एक रणनीतिक दिव्यास्त्र है जो अदृश्यता, निद्रा और मानसिक भ्रम की शक्तियों से युद्धभूमि को नियंत्रित करता था। इसके अधिपति देवता कुबेर हैं।