विस्तृत उत्तर
अमरावती का वातावरण पृथ्वी के किसी भी स्थान से सर्वथा भिन्न है। यहाँ अंधकार का कोई अस्तित्व नहीं है। यहाँ सूर्य की भौतिक ऊष्मा या रात्रि का अंधकार समय का निर्धारण नहीं करता। यहाँ का प्रकाश स्वयं देवताओं के दिव्य शरीरों, उनके स्वर्ण महलों, रत्नों और देव-विमानों की आभा से स्वतः उत्पन्न होता है। इस प्रकार अमरावती में कभी रात नहीं होती — यह सदैव प्रकाशमान रहती है परंतु उस प्रकाश की प्रकृति सूर्य के कठोर प्रकाश से भिन्न है। यहाँ तापमान सदैव वसंत ऋतु के समान अत्यंत सुखद और ऊर्जावान रहता है। अमरावती में बहने वाली वायु सदैव शीतल और सुगंधित रहती है क्योंकि यह गुलाब, चमेली, मैगनोलिया, फ्रीसिया और अन्य दिव्य पुष्पों के रस का स्पर्श करते हुए बहती है।
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