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विस्तृत उत्तर
भूत योनि का सबसे बड़ा कारण कर्मों से अधिक वासना बताया गया है। यदि कोई व्यक्ति प्राण त्यागते समय किसी भौतिक वस्तु, जैसे गड़ा हुआ धन या अपना घर, किसी व्यक्ति, अत्यधिक मोह या कामवासना, या किसी प्रबल भावना जैसे प्रतिशोध से अत्यंत गहराई से जुड़ा हो, तो मृत्यु के बाद वह भूत बनकर उसी स्थान या व्यक्ति के इर्द-गिर्द भटकता रहता है। तीव्र अपूर्ण इच्छाएं आत्मा को भौतिक जगत से अलग नहीं होने देतीं और वह भूत अवस्था में अटक जाती है।
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