ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
तीर्थ यात्रा⏱ 2 मिनट पठन

अष्टविनायक गणेश दर्शन का सही क्रम क्या है?

क्रम: १. मोरेश्वर (मोरगाँव) → २. सिद्धिविनायक (सिद्धटेक) → ३. बल्लालेश्वर (पाली) → ४. वरदविनायक (महड) → ५. चिंतामणि (थेऊर) → ६.

संक्षिप्त उत्तर

क्रम: १.मोरेश्वर (मोरगाँव) → २.सिद्धिविनायक (सिद्धटेक) → ३.बल्लालेश्वर (पाली) → ४.वरदविनायक (महड) → ५.चिंतामणि (थेऊर) → ६.गिरिजात्मज (लेण्याद्री) → ७.विघ्नहर (ओझर) → ८.महागणपति (रांजणगाँव) → पुनः मोरेश्वर।

📖

विस्तृत उत्तर

अष्टविनायक महाराष्ट्र के आठ स्वयंभू (स्वतः प्रकट) गणेश मंदिरों का पवित्र समूह है। इन मंदिरों का उल्लेख गणेश पुराण, मुद्गल पुराण और स्कंद पुराण में मिलता है। 'अष्ट' अर्थात आठ और 'विनायक' गणेश का एक नाम। ये सभी मंदिर पुणे, अहमदनगर और रायगड जिलों में हैं और परस्पर 654 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले हैं।

शास्त्रीय परंपरा के अनुसार अष्टविनायक दर्शन का क्रम:

१. मोरेश्वर (मोरगाँव) — यह यात्रा का प्रारंभिक और अंतिम दोनों मंदिर है। यहाँ से यात्रा शुरू होती है और समापन भी यहीं पर होता है। गणेश जी ने यहाँ त्रिपुरासुर का वध किया था।

२. सिद्धिविनायक (सिद्धटेक) — भीमा नदी के तट पर स्थित। गणपति की सूंड यहाँ दाहिनी ओर है — जो दुर्लभ है। भगवान विष्णु ने यहाँ तपस्या करके सिद्धि प्राप्त की।

३. बल्लालेश्वर (पाली) — गणेश जी का यह एकमात्र स्वरूप है जो किसी भक्त के नाम पर है।

४. वरदविनायक (महड) — यह वरदान देने वाले गणपति हैं। यहाँ अखंड दीप जलता रहता है।

५. चिंतामणि (थेऊर) — भक्तों की चिंता हरने वाले गणेश। माधवराव पेशवा इनके प्रबल भक्त थे।

६. गिरिजात्मज (लेण्याद्री) — पहाड़ी गुफाओं में स्थित एकमात्र गुफा-मंदिर। यहाँ माता पार्वती ने गणेश को जन्म दिया।

७. विघ्नहर (ओझर) — विघ्नासुर को पराजित करके यहाँ विराजित हुए। अष्टविनायकों में सबसे सम्पन्न मंदिर माना जाता है।

८. महागणपति (रांजणगाँव) — दस हाथों वाले विशाल स्वरूप। भगवान शिव ने त्रिपुरासुर से युद्ध से पहले यहाँ गणेश की आराधना की।

समापन — यात्रा का अंत पुनः मोरगाँव के मोरेश्वर मंदिर में दर्शन से होता है।

यात्रा का फल — यह पूरी यात्रा लगभग दो-तीन दिनों में पूर्ण होती है। यात्रा प्रारंभ करने से पहले संकल्प लेना और प्रत्येक मंदिर में श्रद्धाभाव से दर्शन करना फलदायी माना जाता है।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

अष्टविनायकगणेशमहाराष्ट्रतीर्थ यात्रा
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

अष्टविनायक गणेश दर्शन का सही क्रम क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको तीर्थ यात्रा से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#अष्टविनायक#गणेश#महाराष्ट्र#तीर्थ यात्रा