विस्तृत उत्तर
शिव पुराण, विष्णु पुराण और भागवत पुराण के अनुसार अतल लोक में दिन और रात का कोई प्राकृतिक विभाजन नहीं होता। चूंकि यह लोक पृथ्वी के आवरण के नीचे स्थित है और यहाँ सूर्य, चंद्र या अन्य ग्रहीय नक्षत्रों का प्रकाश सीधे नहीं पहुँचता इसलिए यहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त का क्रम नहीं होता। दिन-रात न होने के कारण यहाँ के निवासियों को समय के बीतने का तनिक भी भान नहीं होता और न ही उन्हें काल (समय) से उत्पन्न होने वाला कोई भय सताता है। यहाँ नागों की मणियों का दिव्य प्रकाश सदैव बना रहता है जिससे यहाँ का वातावरण निरंतर प्रकाशमान रहता है।
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