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शकुन शास्त्र📜 सामुद्रिक शास्त्र, शकुन शास्त्र, लोक परंपरा2 मिनट पठन

बायां हाथ फड़कने का क्या अर्थ

संक्षिप्त उत्तर

पुरुषों: बायां हाथ = खोई वस्तु/बिछड़ा मित्र मिलना (शकुन शास्त्र), कुछ में अशुभ (कठिनाई)। बायीं हथेली (रोगी) = स्वास्थ्य लाभ। महिलाओं: बायां = शुभ — धन लाभ, शुभ समाचार। नियम: पुरुष-दाहिना शुभ, महिला-बायां शुभ।

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विस्तृत उत्तर

बायां हाथ फड़कने का अर्थ पुरुषों और महिलाओं के लिए भिन्न है — सामुद्रिक शास्त्र का मूल नियम।

पुरुषों के लिए (बायां = सामान्यतः अशुभ)

  1. 1खोई वस्तु/बिछड़ा मित्र मिलना — सामुद्रिक शास्त्र में बाएं हाथ का फड़कना कुछ खोया हुआ वापस मिलने या किसी बिछड़े मित्र से भेंट का संकेत माना जाता है।
  2. 2चिंता या समस्या — कुछ परंपराओं में बायां अंग फड़कना पुरुषों के लिए आने वाली कठिनाई का संकेत।
  3. 3बायीं हथेली — यदि रोगी व्यक्ति की बायीं हथेली फड़के तो शीघ्र स्वास्थ्य लाभ — यह शकुन शास्त्र में विशिष्ट अपवाद है।

महिलाओं के लिए (बायां = शुभ)

  1. 1धन लाभ — महिलाओं का बायां अंग शुभ माना जाता है।
  2. 2शुभ समाचार — अच्छी खबर मिलने वाली है।
  3. 3सौभाग्य — परिवार में मांगलिक कार्य।

हथेली के कोने में फड़कन

शकुन शास्त्र अनुसार हथेली के किसी कोने (किनारे) में फड़कन निकट भविष्य में किसी विपदा की ओर संकेत कर सकती है — यह पुरुष-महिला दोनों पर लागू।

स्पष्टीकरण: सामुद्रिक शास्त्र में पुरुष-दाहिना/महिला-बायां शुभ का नियम सर्वसम्मत है। विशिष्ट अर्थ (खोई वस्तु, बिछड़ा मित्र) लोक परंपरा और विभिन्न स्वप्न/शकुन ग्रंथ संकलनों पर आधारित हैं। वैज्ञानिक रूप से यह तंत्रिका तंत्र की सामान्य प्रतिक्रिया है।

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शास्त्रीय स्रोत
सामुद्रिक शास्त्र, शकुन शास्त्र, लोक परंपरा
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