विस्तृत उत्तर
बायां हाथ फड़कने का अर्थ पुरुषों और महिलाओं के लिए भिन्न है — सामुद्रिक शास्त्र का मूल नियम।
पुरुषों के लिए (बायां = सामान्यतः अशुभ)
- 1खोई वस्तु/बिछड़ा मित्र मिलना — सामुद्रिक शास्त्र में बाएं हाथ का फड़कना कुछ खोया हुआ वापस मिलने या किसी बिछड़े मित्र से भेंट का संकेत माना जाता है।
- 2चिंता या समस्या — कुछ परंपराओं में बायां अंग फड़कना पुरुषों के लिए आने वाली कठिनाई का संकेत।
- 3बायीं हथेली — यदि रोगी व्यक्ति की बायीं हथेली फड़के तो शीघ्र स्वास्थ्य लाभ — यह शकुन शास्त्र में विशिष्ट अपवाद है।
महिलाओं के लिए (बायां = शुभ)
- 1धन लाभ — महिलाओं का बायां अंग शुभ माना जाता है।
- 2शुभ समाचार — अच्छी खबर मिलने वाली है।
- 3सौभाग्य — परिवार में मांगलिक कार्य।
हथेली के कोने में फड़कन
शकुन शास्त्र अनुसार हथेली के किसी कोने (किनारे) में फड़कन निकट भविष्य में किसी विपदा की ओर संकेत कर सकती है — यह पुरुष-महिला दोनों पर लागू।
स्पष्टीकरण: सामुद्रिक शास्त्र में पुरुष-दाहिना/महिला-बायां शुभ का नियम सर्वसम्मत है। विशिष्ट अर्थ (खोई वस्तु, बिछड़ा मित्र) लोक परंपरा और विभिन्न स्वप्न/शकुन ग्रंथ संकलनों पर आधारित हैं। वैज्ञानिक रूप से यह तंत्रिका तंत्र की सामान्य प्रतिक्रिया है।





