विस्तृत उत्तर
पूजा घर में भगवान की मूर्ति के ऊपर चाँदी का छोटा छत्र (छतरी) लगाना एक प्राचीन और शुभ परंपरा है।
महत्व और लाभ
- 1सम्मान और ऐश्वर्य का प्रतीक — छत्र राजसी सम्मान, ऐश्वर्य और रक्षा का प्रतीक है। देवताओं पर छत्र लगाना उनके प्रति सर्वोच्च सम्मान दर्शाता है।
- 1रक्षा कवच — छत्र देवताओं को धूल, गंदगी और अशुद्धता से बचाता है — भौतिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से।
- 1चाँदी की सात्विक ऊर्जा — चाँदी चंद्रमा से जुड़ी शुद्ध और सात्विक धातु है। यह शीतलता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
- 1लक्ष्मी कृपा — भगवान विष्णु, लक्ष्मी, कृष्ण आदि की मूर्ति पर चाँदी का छत्र लगाना विशेष शुभ और लक्ष्मी कृपादायक माना जाता है।
- 1पूजा की पूर्णता — षोडशोपचार पूजन में 'छत्र' एक उपचार है। इसे लगाने से पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है।
कैसे लगाएँ
- ▸मूर्ति के ठीक ऊपर छोटा छत्र लगाएँ।
- ▸चाँदी का छत्र सर्वोत्तम, पीतल का भी शुभ है।
- ▸नियमित सफाई करें।





