विस्तृत उत्तर
चांदी को चंद्रमा की धातु माना जाता है। यह शीतलता, शांति और धन-लक्ष्मी का प्रतीक है। पूजा में चांदी के सिक्के का रखना अत्यंत शुभ और फलदायी है।
धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व: चांदी चंद्रमा की धातु होने से इसे पूजा में रखने से मन की शांति और स्थिरता आती है। माँ लक्ष्मी को चांदी अत्यंत प्रिय है। दीपावली पूजन में चांदी का सिक्का लक्ष्मी-स्थापना का प्रतीक है। जन्मकुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए चांदी का उपयोग पूजा में श्रेष्ठ है।
लाभ: लक्ष्मी पूजन में चांदी का सिक्का रखने से धन-स्थायित्व और समृद्धि मिलती है। तिजोरी में चांदी का सिक्का रखने से धन की वृद्धि होती है। शुभ कार्यों — विवाह, गृहप्रवेश — में चांदी का सिक्का देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
वैज्ञानिक पक्ष: चांदी भी एंटीमाइक्रोबियल धातु है। चांदी के पात्र में रखा जल शुद्ध और औषधीय गुणवाला होता है। आयुर्वेद में चांदी को 'शीतल और शांतिदायक' धातु माना गया है।
प्रयोग: दीपावली पूजन, लक्ष्मी-पूजन और गृहप्रवेश में चांदी का सिक्का देवता के सामने रखें। बाद में इसे तिजोरी में रखें।





