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विस्तृत उत्तर
चार कुमार भगवान विष्णु के परम भक्त हैं। वे जन्म से ही नित्य मुक्त आत्माएँ माने गए हैं, फिर भी वे सगुण भगवान विष्णु की लीलाओं के प्रति अत्यंत आकृष्ट रहते हैं। सृष्टि के आरंभ में वे ब्रह्मा जी के नारायण-ध्यान और विशुद्ध संकल्प से प्रकट हुए। वाराह अवतार के समय जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक के निवासियों के साथ सनक-सनन्दन आदि ने भगवान के दिव्य नाद को सुनकर वेद-मंत्रों से उनकी स्तुति की।
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