विस्तृत उत्तर
मान्यता है कि यदि हम यज्ञ के माध्यम से देवताओं का पोषण नहीं करेंगे, तो ब्रह्मांडीय शक्तियां क्षीण हो जाएंगी और आसुरी (नकारात्मक) शक्तियां प्रबल हो जाएंगी, जिसका सीधा दुष्प्रभाव चराचर जगत् पर पड़ेगा।
देवताओं का पोषण न होने से: ब्रह्मांडीय शक्तियाँ क्षीण → आसुरी (नकारात्मक) शक्तियाँ प्रबल → चराचर जगत पर सीधा दुष्प्रभाव।
मान्यता है कि यदि हम यज्ञ के माध्यम से देवताओं का पोषण नहीं करेंगे, तो ब्रह्मांडीय शक्तियां क्षीण हो जाएंगी और आसुरी (नकारात्मक) शक्तियां प्रबल हो जाएंगी, जिसका सीधा दुष्प्रभाव चराचर जगत् पर पड़ेगा।
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