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मंत्र विधि📜 विष्णु पुराण, आयुर्वेद, धन्वंतरि परंपरा1 मिनट पठन

धन्वंतरि मंत्र का जप रोग मुक्ति के लिए कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये...सर्वामयविनाशनाय...नमः'। सरल: 'ॐ धन्वंतरये नमः' 108 बार। तुलसी माला, पीले वस्त्र। धनतेरस = धन्वंतरि जयंती सर्वोत्तम। फल: रोग निवारण, स्वास्थ्य। चिकित्सा + मंत्र = दोनों।

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विस्तृत उत्तर

भगवान धन्वंतरि विष्णु के अवतार और आयुर्वेद के जनक हैं। समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए।

धन्वंतरि मंत्र

'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलश हस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः'

सरल मंत्र: 'ॐ धन्वंतरये नमः'

जप विधि

  1. 1प्रातःकाल स्नान कर पीले वस्त्र।
  2. 2धन्वंतरि/विष्णु चित्र के सामने।
  3. 3तुलसी माला से 108 बार जप।
  4. 4धनतेरस (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) = धन्वंतरि जयंती — सर्वोत्तम दिन।
  5. 5प्रतिदिन या रोग काल में विशेष जप।

फल: रोग निवारण, स्वास्थ्य लाभ, दीर्घायु, चिकित्सकों के लिए विशेष शुभ।

ध्यान रखें: मंत्र जप चिकित्सा का विकल्प नहीं — चिकित्सक परामर्श + मंत्र = सर्वोत्तम।

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शास्त्रीय स्रोत
विष्णु पुराण, आयुर्वेद, धन्वंतरि परंपरा
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