विस्तृत उत्तर
धान्यलक्ष्मी: यह अन्न, कृषि, प्रकृति और पोषण की अधिष्ठात्री देवी हैं। इनकी कृपा से घर में कभी अन्न-जल की कमी नहीं होती और समाज में भूखमरी का नाश होता है।
स्वरूप और ध्यान: हरे वस्त्र धारण किए, आठ भुजाओं वाली, हाथों में धान (फसल) की बालियाँ, गन्ना, केले का पत्ता और कमल धारण किए हुए।





