विस्तृत उत्तर
विजयलक्ष्मी / जयलक्ष्मी: केवल युद्ध ही नहीं, अपितु दैनिक जीवन की बाधाओं, मुकदमों, परीक्षाओं और कठिन कार्यों में जय (विजय) और कीर्ति प्रदान करती हैं।
स्वरूप और ध्यान: लाल साड़ी धारण किए हुए, आठ भुजाओं वाली, तलवार, ढाल और पाश लिए हुए, अभय मुद्रा में।





