विस्तृत उत्तर
आदिलक्ष्मी / महालक्ष्मी: यह देवी का मूल और प्रथम स्वरूप है, जो संपूर्ण ब्रह्मांड के सृजन, पालन-पोषण और आध्यात्मिक पूर्णता की प्रतीक है। यह साधक को जीवन के परम लक्ष्य तक ले जाती है।
स्वरूप और ध्यान: कमल पर आसीन, चार भुजाओं वाली, एक हाथ में कमल, एक में श्वेत ध्वजा, और अन्य दो हाथ अभय तथा वरद मुद्रा में।





