विस्तृत उत्तर
महालक्ष्मी व्रत = भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से 16 दिन:
विधि
- 1आरंभ: भाद्रपद शुक्ल अष्टमी (राधाष्टमी)।
- 2अवधि: 16 दिन (अष्टमी→अष्टमी)।
- 3प्रतिदिन लक्ष्मी पूजा — घी दीपक, कमल, कुमकुम।
- 416 सूत का डोरा बांधें (हाथ में)।
- 5प्रतिदिन महालक्ष्मी व्रत कथा सुनें/पढ़ें।
- 6एक समय भोजन (फलाहार/सात्विक)।
- 716वें दिन = उद्यापन: ब्राह्मण/सुहागिन भोजन + दान।
- 816 की संख्या: 16 पुष्प, 16 सुपारी, 16 श्रृंगार।
कथा (संक्षेप): एक निर्धन ब्राह्मणी ने 16 दिन व्रत → लक्ष्मी प्रसन्न → धन-सुख। राजा ने अपमान → लक्ष्मी रुष्ट → दरिद्रता → पुनः व्रत → सुख।





