विस्तृत उत्तर
गजलक्ष्मी: यह शक्ति, अधिकार, राजसी वैभव और पशुधन (विशेषकर राज सत्ता और नेतृत्व) की प्रतीक हैं। समुद्र मंथन से यही स्वरूप प्रकट हुआ था।
स्वरूप और ध्यान: कमल पर विराजमान, दोनों ओर हाथियों द्वारा सुवर्ण कलशों से जल अभिषेक की जाती हुई देवी।





