विस्तृत उत्तर
कोल्हापुर महालक्ष्मी = महाराष्ट्र — साढ़े तीन शक्तिपीठों में एक (पूर्ण पीठ)। माँ लक्ष्मी = अम्बाबाई — स्वयंभू मूर्ति।
विशेषता: मूर्ति = पत्थर की, लगभग 40 kg, 4 भुजा — शेर पर विराजमान। किरणोत्सव: वर्ष में 2 बार (जनवरी+नवंबर) सूर्य किरणें सीधे मूर्ति के मुख पर पड़ती हैं — वास्तु+खगोलीय चमत्कार।
दर्शन: सुबह 4:30 बजे काकड आरती। शुक्रवार/नवरात्रि विशेष। प्रसाद = कुंकुम (अत्यंत प्रसिद्ध)।
धन प्राप्ति: महालक्ष्मी = धन देवी — व्यापारी विशेष दर्शन। शुक्रवार व्रत + दर्शन = लक्ष्मी कृपा।





