विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी जी ने विष्णु जी को इसलिए चुना क्योंकि वे धर्म, संतुलन, करुणा और पालन के परम आधार हैं। समुद्र मंथन से प्रकट होने पर देवता, असुर और ऋषि सभी उन्हें पाना चाहते थे, लेकिन लक्ष्मी जी ने सबके गुणों को देखा। वे ऐसे स्थान पर स्थिर होती हैं जहाँ विनम्रता, धर्म और मर्यादा हो। भगवान विष्णु जगत के पालनहार हैं और उनके भीतर अहंकार या लोभ नहीं है। इसलिए लक्ष्मी जी ने उन्हें अपना शाश्वत स्वामी चुना और उनके वक्षस्थल में निवास किया। यह प्रसंग श्री और धर्म के अभिन्न संबंध को दिखाता है।
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