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पुराण परिचय📜 मार्कंडेय पुराण2 मिनट पठन

दुर्गा सप्तशती किस पुराण से ली गई है?

संक्षिप्त उत्तर

दुर्गा सप्तशती मार्कंडेय पुराण के अध्याय 81 से 93 से ली गई है। इसे 'देवी महात्म्यम्' भी कहते हैं। मार्कंडेय पुराण 18 महापुराणों में से एक है और शाक्त परंपरा का सर्वोच्च ग्रंथ है।

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विस्तृत उत्तर

दुर्गा सप्तशती मार्कंडेय पुराण से ली गई है।

विस्तृत परिचय

स्रोत: मार्कंडेय पुराण

  • यह 18 महापुराणों में से एक है
  • मार्कंडेय पुराण के अध्याय 81 से 93 — इन्हीं 13 अध्यायों को अलग ग्रंथ के रूप में 'दुर्गा सप्तशती' या 'देवी महात्म्यम्' कहा जाता है

मार्कंडेय पुराण का परिचय

  • रचयिता: ऋषि मार्कंडेय (स्वयं वर्णनकर्ता)
  • वक्ता: ऋषि जैमिनि को
  • कुल श्लोक: लगभग 9,000
  • विशेषता: यही एकमात्र महापुराण है जो शाक्त (देवी) परंपरा का सर्वोच्च ग्रंथ है

कथा का ढांचा

मार्कंडेय पुराण में ऋषि मार्कंडेय, ऋषि क्रौष्टुकि को तीन कथाएं सुनाते हैं:

  1. 1सुरथ राजा और वैश्य की कथा
  2. 2इनके द्वारा ऋषि मेधा से देवी महात्म्य सुनना
  3. 3देवी के तीन चरित्र — महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती

देवी महात्म्यम् के अन्य नाम

  • दुर्गा सप्तशती (उत्तर भारत)
  • चंडी (बंगाल, उड़ीसा)
  • देवी महात्म्यम् (दक्षिण भारत, केरल)
  • चंडी पाठ (महाराष्ट्र, गुजरात)

प्राचीनता

विद्वानों के अनुसार मार्कंडेय पुराण की रचना लगभग 400-600 ई. के बीच हुई। यह भारत के सबसे प्राचीन शाक्त ग्रंथों में से एक है।

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शास्त्रीय स्रोत
मार्कंडेय पुराण
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