विस्तृत उत्तर
हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय वाल्मीकि रामायण, हनुमान पुराण और स्कंद पुराण में विस्तार से वर्णित हैं:
सर्वोत्तम उपाय — भक्ति और सेवा
हनुमान जी रामभक्त हैं। जो राम का नाम लेता है, हनुमान जी उस पर स्वयं प्रसन्न होते हैं। वाल्मीकि रामायण में कहा गया है — 'रामदूतं शरण्यं च' — राम के दूत हनुमान जी शरण देने वाले हैं।
नित्य उपाय
- 1हनुमान चालीसा पाठ:
प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ सर्वोत्तम है। मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से पढ़ें।
- 1राम नाम जप:
ॐ श्री राम जय राम जय जय राम' — हनुमान जी राम नाम के उपासक हैं; राम नाम जप से वे तत्काल प्रसन्न होते हैं।
- 1सिंदूर अर्पण:
हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। वाल्मीकि रामायण की कथा — जब सीता माँ ने सिंदूर लगाया, तब हनुमान जी ने पूछा तो सीता जी ने कहा — 'यह राम जी के लिए।' तभी से हनुमान जी ने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया और राम जी अत्यंत प्रसन्न हुए।
- 1चमेली के तेल का दीप:
हनुमान जी को चमेली (jasmine) के तेल का दीप अत्यंत प्रिय है। मंगलवार और शनिवार को चमेली तेल का दीप जलाएं।
- 1लाल वस्त्र और गुड़-चना का भोग:
लाल वस्त्र अर्पण और गुड़-चना का भोग लगाएं। गुड़-चना हनुमान जी का प्रिय प्रसाद है।
- 1सुंदरकांड का पाठ:
सुंदरकांड (वाल्मीकि रामायण का पंचम सर्ग) का पाठ हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है। मंगलवार को पूरा सुंदरकांड पढ़ें।
- 1बजरंग बाण:
संकट के समय बजरंग बाण का पाठ तत्काल हनुमान जी का आह्वान करता है।
जीवन आचरण उपाय (हनुमान पुराण से)
- 1ब्रह्मचर्य का पालन — हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं, जो ब्रह्मचर्य का पालन करता है उस पर विशेष कृपा
- 2सत्य बोलना — हनुमान जी सत्यनिष्ठ हैं
- 3सेवा भाव — कमजोर और पीड़ित की सहायता करें
- 4मांसाहार और मदिरा का त्याग — विशेषकर मंगलवार को
मंगलवार और शनिवार — विशेष दिन
- ▸मंगलवार — हनुमान जी का जन्मदिन (कुछ परंपराओं में चैत्र पूर्णिमा)
- ▸शनिवार — हनुमान जी ने शनिदेव को वश में किया; शनि के प्रकोप से रक्षा के लिए शनिवार को भी हनुमान पूजा





