विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी जी के घर में आगमन और स्थायी वास के लिए शास्त्रों में अनेक उपाय वर्णित हैं:
लक्ष्मी पुराण के अनुसार — जहाँ लक्ष्मी का निवास होता है
- 1स्वच्छ और सुसज्जित घर:
शुचौ देशे' — लक्ष्मी जी स्वच्छता में वास करती हैं। घर, रसोई और पूजा स्थान सदा स्वच्छ रखें।
- 1प्रतिदिन तुलसी पूजन:
विष्णु पुराण: लक्ष्मी जी तुलसी में निवास करती हैं। प्रतिदिन तुलसी को जल दें और शुक्रवार को दीप जलाएं।
- 1ब्रह्ममुहूर्त में जागना:
गरुड़ पुराण: 'ब्राह्मे मुहूर्ते या लक्ष्मीः' — ब्रह्ममुहूर्त में जो जागता है, उसके घर में लक्ष्मी आती है। सूर्योदय के बाद सोने से लक्ष्मी चली जाती है।
- 1अतिथि सत्कार:
अतिथि देवो भव' — अतिथि लक्ष्मी के रूप में आते हैं। अतिथि का सम्मान करें।
- 1दान:
लक्ष्मी जी उस घर में ठहरती हैं जहाँ दान होता है। प्रतिदिन कुछ न कुछ दान करें।
- 1पति-पत्नी में प्रेम:
लक्ष्मी पुराण: जहाँ पति-पत्नी के बीच प्रेम और सम्मान है, वहाँ लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करती हैं।
वास्तु उपाय
- 1उत्तर-पूर्व (ईशान कोण): साफ रखें, यहाँ पूजा घर बनाएं
- 2मुख्य द्वार: सुंदर, स्वच्छ, रंगोली से सजाएं
- 3उत्तर दिशा: कुबेर की दिशा — धन/तिजोरी यहाँ रखें
- 4टूटे-फूटे सामान: घर में न रखें — टूटा आईना, बंद घड़ी, सूखे पौधे हटाएं
- 5बेल का पत्ता: द्वार पर बेल का पत्ता लगाना शुभ
नित्य पूजन उपाय
- 1घर के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन रंगोली बनाएं
- 2संध्या काल में घर में दीप जलाएं — 'दीप लक्ष्मी'
- 3प्रतिदिन श्री सूक्त का पाठ
- 4शुक्रवार व्रत
जहाँ से लक्ष्मी चली जाती हैं (लक्ष्मी पुराण)
- ▸घर में नित्य कलह
- ▸अन्न का अपमान
- ▸सुबह देर तक सोना
- ▸गंदगी और अव्यवस्था
- ▸माता-पिता की अवज्ञा
- ▸जुआ और मद्यपान





