विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के उपाय विष्णु पुराण, श्री सूक्त और लक्ष्मी पुराण में विस्तार से वर्णित हैं:
पौराणिक उपाय
1स्वच्छता (सर्वोपरि)
लक्ष्मी जी स्वच्छता में निवास करती हैं — 'लक्ष्मीः स्वच्छेषु तिष्ठति।'
- ▸घर की प्रतिदिन सफाई करें
- ▸रसोई, शौचालय सदा स्वच्छ रखें
- ▸घर में कूड़ा-कर्कट जमा न होने दें
- ▸टूटे-फूटे बर्तन, टूटे काँच — घर से निकाल दें
2तुलसी पूजन
लक्ष्मी जी तुलसी में निवास करती हैं — विष्णु पुराण:
- ▸प्रतिदिन तुलसी को जल अर्पित करें
- ▸शुक्रवार को तुलसी में घी का दीप जलाएं
- ▸तुलसी के 108 पत्ते लक्ष्मी-विष्णु को अर्पित करें
3श्री सूक्त का नित्य पाठ
श्री सूक्त के प्रतिदिन पाठ से लक्ष्मी घर में स्थायी रूप से वास करती हैं।
4विष्णु की पूजा
लक्ष्मी जी विष्णु की पत्नी हैं — विष्णु पूजन से लक्ष्मी स्वयं प्रसन्न होती हैं:
- ▸'ॐ नमो नारायणाय' का जप
- ▸विष्णु सहस्रनाम का पाठ
5अन्नपूर्णा का सम्मान
भोजन को व्यर्थ न फेंकें — 'अन्न लक्ष्मी है।'
6गाय की सेवा
गाय में लक्ष्मी जी का निवास माना गया है — गाय को नित्य हरी घास या रोटी खिलाएं।
शास्त्रोक्त जीवन-शैली
- 1ब्रह्ममुहूर्त में जागें: 'उद्यमेन हि सिध्यंति कार्याणि न मनोरथैः' — उद्योग से ही लक्ष्मी आती है
- 2माता-पिता और गुरु का सम्मान: 'पितृ देवो भव, मातृ देवो भव'
- 3दान: दान से लक्ष्मी स्थायी होती हैं — दान न करने वाले घरों से लक्ष्मी चली जाती हैं
- 4झूठ और बेईमानी से बचें: अधर्म से अर्जित धन टिकता नहीं
- 5शुक्रवार व्रत: नित्य शुक्रवार को व्रत और पूजन
वे बातें जिनसे लक्ष्मी चली जाती हैं (लक्ष्मी पुराण)
- ▸घर में कलह और झगड़ा
- ▸अतिथि का अपमान
- ▸भोर में सोते रहना (आलस्य)
- ▸मद्यपान और जुआ
- ▸पत्नी का अपमान
- ▸अन्न का अपमान
- ▸गुरु और माता-पिता की अवज्ञा





