📖
विस्तृत उत्तर
श्राद्ध श्रद्धा, शांति और संयम का कर्म है। क्रोध करने से कर्म की पवित्र भावना दूषित मानी जाती है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?
क्रोध श्राद्ध भाव को दूषित करता है।
श्राद्ध श्रद्धा, शांति और संयम का कर्म है। क्रोध करने से कर्म की पवित्र भावना दूषित मानी जाती है।
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको लोक से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।