विस्तृत उत्तर
राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI), लखनऊ के एक विस्तृत वैज्ञानिक शोध में यह प्रमाणित हुआ है कि यदि आधा किलो उत्तम हवन सामग्री और आम की लकड़ी को जलाया जाए, तो मात्र एक घंटे के भीतर कक्ष के 94% हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
इसका सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि इस औषधीय धुएं का प्रभाव वातावरण में 30 दिनों तक बना रहता है, जिससे नए कीटाणु पनप नहीं पाते।
यज्ञ में डाली जाने वाली सुगन्धित और रोगनाशक वनस्पतियां अग्नि के तीव्र ताप में आकर सूक्ष्म परमाणुओं में विभक्त हो जाती हैं। जिस प्रकार लाल मिर्च को अग्नि में डालने पर उसका प्रभाव अत्यंत विस्तृत क्षेत्र में तीव्र गति से फैल जाता है, ठीक उसी प्रकार हवन सामग्री के औषधीय गुण अग्नि के माध्यम से गैसीय रूप धारण कर श्वसन-तंत्र के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करते हैं और रक्त, मज्जा आदि को पुष्ट करते हैं।





