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विस्तृत उत्तर
जनलोक में भौतिक जगत की भाँति भूख और प्यास का भय नहीं होता। यह लोक भौतिक प्रकृति के क्लेशों से मुक्त है। जनलोक में अंधकार, भूख, प्यास, बुढ़ापा, रोग या मृत्यु का भय नहीं बताया गया है। यहाँ के निवासियों का जीवन भौतिक भोगों पर आधारित नहीं, बल्कि ब्रह्मानंद, शाश्वत चिंतन, वैराग्य और आध्यात्मिक प्रकाश पर आधारित है।
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