रामचरितमानस — बालकाण्ड'करै सो तपु जेहिं मिलहिं महेसू। आन उपायँ न मिटिहि कलेसू' — इसका अर्थ?अर्थ — ऐसा तप करो जिससे शिवजी मिल जायें, दूसरे किसी उपाय से यह कष्ट नहीं मिटेगा। नारदजी ने स्पष्ट किया कि शिवजी प्राप्ति का एकमात्र मार्ग कठोर तपस्या है, कोई और उपाय काम नहीं करेगा।#बालकाण्ड#चौपाई अर्थ#तपस्या
रामचरितमानस — बालकाण्डनारदजी ने पार्वतीजी को शिवजी प्राप्ति के लिये क्या उपाय बताया?नारदजी ने कहा — 'करै सो तपु जेहिं मिलहिं महेसू। आन उपायँ न मिटिहि कलेसू॥' — ऐसी तपस्या करो जिससे शिवजी मिलें, दूसरा कोई उपाय काम नहीं करेगा। शिवजी दुराराध्य हैं पर आशुतोष भी हैं।#बालकाण्ड#नारद उपाय#तपस्या
रामचरितमानस — बालकाण्डकलियुग में मुक्ति का एकमात्र उपाय क्या बताया गया है रामचरितमानस में?कलियुग में राम नाम ही एकमात्र आधार है। तुलसीदासजी ने कहा — 'नहिं कलि करम न भगति बिबेकू। राम नाम अवलंबन एकू।' कलियुग में न कर्म है, न भक्ति, न ज्ञान — केवल राम नाम ही उपाय है।#बालकाण्ड#कलियुग#राम नाम