विस्तृत उत्तर
नारदजी ने हिमवान से कहा कि वर के दोष तो शिवजी में हैं, यदि शिवजी से विवाह हो जाय तो ये दोष गुणों के समान हो जायेंगे। फिर उपाय बताया — पार्वतीजी को कठोर तपस्या करनी होगी।
चौपाई — 'करै सो तपु जेहिं मिलहिं महेसू। आन उपायँ न मिटिहि कलेसू॥'
इसका अर्थ — ऐसा तप करो जिससे शिवजी मिल जायें। दूसरे उपायसे यह कष्ट नहीं मिटेगा।
नारदजी ने स्पष्ट कहा कि शिवजी को पाने का एकमात्र मार्ग कठोर तपस्या है — कोई और उपाय काम नहीं करेगा। शिवजी दुराराध्य (जिनकी आराधना कठिन है) हैं, परन्तु आशुतोष (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) भी हैं — इसलिये तप से अवश्य प्रसन्न होंगे।
माता मैना ने यह सुनकर पार्वतीजी को तप के लिये भेज दिया।





