विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन (रसोई) में मंदिर रखना उचित नहीं माना जाता, हालाँकि इस विषय पर मत भिन्नताएँ हैं।
किचन में मंदिर न रखने के कारण
- 1अग्नि तत्व का प्रभाव — रसोई में अग्नि तत्व प्रधान है जो पूजा स्थल की शांत और सात्विक ऊर्जा से टकराता है।
- 2स्वच्छता की समस्या — खाना पकाते समय तेल, मसाले, धुआं आदि की वजह से पूजा स्थल की पवित्रता बनाए रखना कठिन होता है।
- 3ऊर्जा असंतुलन — रसोई में गर्मी, भाप और विभिन्न गंध होती हैं जो पूजा की एकाग्रता में बाधक हैं।
यदि अन्य विकल्प न हो
- ▸रसोई के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में एक छोटा शेल्फ या आला बनाकर मूर्ति/तस्वीर रख सकते हैं।
- ▸चूल्हे/गैस से दूर रखें।
- ▸मंदिर के ऊपर या पास में बर्तन, मसाले आदि न रखें।
- ▸नियमित सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें।
सर्वोत्तम विकल्प: पूजा के लिए अलग कक्ष, या लिविंग रूम/हॉल का ईशान कोण चुनें।





