विस्तृत उत्तर
वैदिक व्याहृतियों (सात रहस्यमयी ध्वनियों) में महर्लोक का प्रतिनिधित्व महः (Mahas) व्याहृति द्वारा किया जाता है। वैदिक परंपरा में सात व्याहृतियाँ सात लोकों की प्रतीक ध्वनियाँ हैं। पहली तीन व्याहृतियाँ भूः, भुवः और स्वः क्रमशः भूर्लोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक का प्रतिनिधित्व करती हैं और इन्हें सामूहिक रूप से त्रैलोक्य कहा जाता है। महः व्याहृति महर्लोक का प्रतीक है जो इन भौतिक तीन लोकों से ऊपर की पहली आध्यात्मिक भूमि है। महः शब्द का अर्थ ही महान या विशाल है जो इस लोक की महानता और विशुद्धता का बोध कराता है। शास्त्रों में महः को उस ध्वनि के रूप में स्थापित किया गया है जो भौतिकता और आध्यात्मिकता के बीच की संक्रमण अवस्था को दर्शाती है।
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