विस्तृत उत्तर
महातल में गंगा जल का महत्व मोक्षदायी और उद्धारकारी है। कपिल मुनि ने कहा था कि सगर के साठ हजार पुत्रों की मुक्ति साधारण कर्मकांडों से नहीं होगी। यह तभी संभव है जब स्वर्ग से गंगा को महातल या पाताल में लाया जाए और उनकी भस्म पर उसका दिव्य जल प्रवाहित किया जाए। राजा भगीरथ गंगा को महातल तक ले गए, और जहाँ गंगा ने सगर पुत्रों की भस्म का स्पर्श किया, वहाँ उनका उद्धार हुआ। यह कथा सिद्ध करती है कि महातल जैसे गहरे और तमोगुणी लोक में भी यदि भगवान का सान्निध्य और पवित्र गंगा का जल पहुँचे, तो पापी जीवात्माओं का भी पूर्ण उद्धार संभव है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





