विस्तृत उत्तर
महात्मा गांधी की तुला लग्न की कुण्डली में दशमेश (चंद्र) और नवमेश (बुध) के बीच प्रत्यक्ष संबंध नहीं था (इसलिए कठोर धर्म-कर्माधिपति योग नहीं था)। परंतु, लग्नेश शुक्र, मंगल और भाग्येश बुध के साथ लग्न में बैठकर अत्यंत प्रबल 'केन्द्र-त्रिकोण राजयोग' का निर्माण कर रहे थे, जिसने उन्हें वैश्विक नेतृत्व क्षमता दी।





