विस्तृत उत्तर
इस महान मेरु पर्वत को चारों दिशाओं से सहारा देने और स्थिर रखने के लिए चार अन्य अत्यंत विशाल पर्वत स्थापित हैं जिन्हें विष्कम्भ पर्वत कहा जाता है। ये चार पर्वत हैं — पूर्व दिशा में मन्दर पर्वत, दक्षिण दिशा में गंधमादन पर्वत, पश्चिम दिशा में विपुल पर्वत और उत्तर दिशा में सुपार्श्व पर्वत। इन चारों पर्वतों की ऊंचाई दस-दस हज़ार योजन है। इन चारों पर्वतों के शिखरों पर चार अति-विशालकाय वृक्ष स्थित हैं — मन्दर पर्वत पर कदम्ब वृक्ष, गंधमादन पर्वत पर जम्बू वृक्ष (जिससे द्वीप का नाम पड़ा), विपुल पर्वत पर पीपल वृक्ष और सुपार्श्व पर्वत पर वट वृक्ष। ये सभी वृक्ष 1,100 योजन के विस्तृत क्षेत्र में फैले हुए हैं और सम्पूर्ण द्वीप की पहचान कराने वाली ध्वजाओं के समान प्रतीत होते हैं।
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