विस्तृत उत्तर
विभिन्न देवताओं को अर्पित किए जाने वाले पुष्पों का विवरण शास्त्रों में स्पष्ट है:
भगवान विष्णु / श्रीकृष्ण के लिए
- ▸तुलसी — सर्वोत्तम और अनिवार्य (भागवत पुराण: 'तुलसी विष्णुप्रिया')
- ▸कमल — अत्यंत प्रिय (विष्णु का प्रतीक)
- ▸पीले फूल — पीली गेंदा, पीला कनेर
- ▸वर्जित: बेला, केवड़ा (शास्त्रोक्त — विष्णु पूजा में वर्जित)
भगवान शिव के लिए (शिवपुराण)
- ▸बेलपत्र (बिल्वपत्र) — अनिवार्य और सर्वोत्तम
- ▸धतूरा — शिव को अत्यंत प्रिय
- ▸आक (मंदार) के फूल
- ▸सफेद फूल — सामान्यतः
- ▸वर्जित: तुलसी (शिव को अर्पण न करें — शास्त्रोक्त)
- ▸वर्जित: केतकी / केवड़ा — पुराण-कथा के अनुसार शिव ने शाप दिया था
देवी (दुर्गा/काली/लक्ष्मी) के लिए
- ▸लाल फूल — गुड़हल (हिबिस्कस) — देवी को अत्यंत प्रिय (देवीभागवत)
- ▸कमल — लक्ष्मी के लिए विशेष
- ▸लाल गुलाब, लाल कनेर
- ▸वर्जित: तुलसी (कुछ परंपराओं में देवी को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती)
गणपति के लिए
- ▸दूर्वा (दूब घास) — गणपति को सर्वप्रिय (शास्त्रोक्त)
- ▸लाल फूल
- ▸वर्जित: तुलसी — गणपति को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए (शास्त्रोक्त परंपरा)
सूर्य देव के लिए
- ▸लाल कनेर (करवीर)
- ▸लाल फूल
भगवद्गीता (9.26) का सिद्धांत
कोई भी पुष्प — यदि श्रद्धा और प्रेम से अर्पित हो — तो भगवान स्वीकार करते हैं। विशेष फूल न मिलने पर मन में पुष्प अर्पण की भावना भी पर्याप्त है।





