विस्तृत उत्तर
मृत्यु के बाद 13 दिन तक दीपक जलाना अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा — गरुड़ पुराण आधारित।
कारण
- 1प्रेत आत्मा का मार्गदर्शन — गरुड़ पुराण अनुसार 13 दिन तक आत्मा प्रेत शरीर में घर के आसपास रहती है। दीपक = प्रकाश = मार्गदर्शन।
- 2अंधकार निवारण — अंधकार = अज्ञान/भय; दीपक = ज्ञान/शांति। आत्मा को शांति।
- 3ऊर्जा — दीपक की ज्योति सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखती है।
- 4पितरों का सम्मान — दीपक = आत्मा के प्रति श्रद्धा और सम्मान।
- 5यमलोक यात्रा — 13 दिन बाद आत्मा यमलोक जाती है; तब तक दीपक = सहारा।
कहाँ: मृतक जहां सोता/बैठता था उस स्थान पर। या तुलसी के पास। या दक्षिण दिशा में।
प्रकार: सरसों/तिल तेल का दीपक (अंत्येष्टि में; घी नहीं — कुछ परंपरा)।





