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अंत्येष्टि संस्कार📜 गरुड़ पुराण, अंत्येष्टि परंपरा1 मिनट पठन

मृत्यु के बाद दीपक क्यों जलाते रहते हैं 13 दिन

संक्षिप्त उत्तर

गरुड़ पुराण: 13 दिन आत्मा प्रेत शरीर में घर के पास — दीपक = मार्गदर्शन, शांति, सकारात्मक ऊर्जा। यमलोक यात्रा तक सहारा। मृतक के स्थान पर सरसों/तिल तेल दीपक।

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विस्तृत उत्तर

मृत्यु के बाद 13 दिन तक दीपक जलाना अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा — गरुड़ पुराण आधारित।

कारण

  1. 1प्रेत आत्मा का मार्गदर्शन — गरुड़ पुराण अनुसार 13 दिन तक आत्मा प्रेत शरीर में घर के आसपास रहती है। दीपक = प्रकाश = मार्गदर्शन।
  2. 2अंधकार निवारण — अंधकार = अज्ञान/भय; दीपक = ज्ञान/शांति। आत्मा को शांति।
  3. 3ऊर्जा — दीपक की ज्योति सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखती है।
  4. 4पितरों का सम्मान — दीपक = आत्मा के प्रति श्रद्धा और सम्मान।
  5. 5यमलोक यात्रा — 13 दिन बाद आत्मा यमलोक जाती है; तब तक दीपक = सहारा।

कहाँ: मृतक जहां सोता/बैठता था उस स्थान पर। या तुलसी के पास। या दक्षिण दिशा में।

प्रकार: सरसों/तिल तेल का दीपक (अंत्येष्टि में; घी नहीं — कुछ परंपरा)।

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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, अंत्येष्टि परंपरा
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