ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
अंत्येष्टि संस्कार📜 गरुड़ पुराण, अंत्येष्टि पद्धति1 मिनट पठन

अस्थि विसर्जन कहाँ करें गंगा या किसी नदी में

संक्षिप्त उत्तर

गंगा सर्वश्रेष्ठ (हरिद्वार/प्रयागराज/वाराणसी)। अन्य: यमुना, गोदावरी, नर्मदा। कोई भी बहती नदी स्वीकार्य। 3रे दिन संग्रह, 10 दिन में विसर्जन। गया पिंडदान = सर्वोत्तम।

📖

विस्तृत उत्तर

अस्थि (हड्डियां/राख) विसर्जन दाह संस्कार के बाद का महत्वपूर्ण कर्म।

कब: दाह के 3रे दिन अस्थि संग्रह (सर्वोत्तम)। या 7वें/9वें दिन। 10 दिन के भीतर विसर्जन।

कहाँ (प्राथमिकता)

  1. 1गंगा — सर्वश्रेष्ठ (हरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी)।
  2. 2त्रिवेणी संगम (प्रयागराज) — अत्यंत पुण्यदायक।
  3. 3अन्य पवित्र नदियां — यमुना, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी, क्षिप्रा।
  4. 4समुद्र — गंगासागर, रामेश्वरम।
  5. 5कोई भी बहती नदी — यदि पवित्र नदी दूर हो तो नजदीकी नदी भी स्वीकार्य।

विधि: पंडित से कराएं। तिल-जल तर्पण, पिंडदान (यदि संभव), मंत्रोच्चार। गया (बिहार) पिंडदान = सर्वोत्तम मोक्षदायक।

आधुनिक: कुछ शहरों में नदी प्रदूषण चिंता — पर्यावरण अनुकूल विसर्जन (कपड़े में बांधकर, बहते पानी में) करें।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, अंत्येष्टि पद्धति
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

अस्थिविसर्जनगंगानदी

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

अस्थि विसर्जन कहाँ करें गंगा या किसी नदी में — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको अंत्येष्टि संस्कार से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गरुड़ पुराण, अंत्येष्टि पद्धति पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।