विस्तृत उत्तर
अस्थि (हड्डियां/राख) विसर्जन दाह संस्कार के बाद का महत्वपूर्ण कर्म।
कब: दाह के 3रे दिन अस्थि संग्रह (सर्वोत्तम)। या 7वें/9वें दिन। 10 दिन के भीतर विसर्जन।
कहाँ (प्राथमिकता)
- 1गंगा — सर्वश्रेष्ठ (हरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी)।
- 2त्रिवेणी संगम (प्रयागराज) — अत्यंत पुण्यदायक।
- 3अन्य पवित्र नदियां — यमुना, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी, क्षिप्रा।
- 4समुद्र — गंगासागर, रामेश्वरम।
- 5कोई भी बहती नदी — यदि पवित्र नदी दूर हो तो नजदीकी नदी भी स्वीकार्य।
विधि: पंडित से कराएं। तिल-जल तर्पण, पिंडदान (यदि संभव), मंत्रोच्चार। गया (बिहार) पिंडदान = सर्वोत्तम मोक्षदायक।
आधुनिक: कुछ शहरों में नदी प्रदूषण चिंता — पर्यावरण अनुकूल विसर्जन (कपड़े में बांधकर, बहते पानी में) करें।





