विस्तृत उत्तर
13वें दिन (तेरहवीं) या सूतक समाप्ति पर गृह शुद्धि करें:
विधि
- 1संपूर्ण सफाई — घर की पूरी सफाई; कपड़े/बिस्तर धोना।
- 2गंगाजल छिड़काव — सभी कमरों में गंगाजल छिड़कें।
- 3गोमूत्र/गोमय — गोमूत्र छिड़काव (शास्त्रीय); गोबर का लेप (प्रवेश द्वार — कुछ परंपरा)।
- 4कपूर — सभी कमरों में कपूर जलाएं।
- 5धूप/गुग्गल — धूप/गुग्गल/लोबान जलाएं।
- 6हवन — शुद्धि हवन; गायत्री मंत्र/नवग्रह हवन (पुरोहित से)।
- 7शंख — शंख बजाएं (नकारात्मक ऊर्जा निवारण)।
- 8नमक-पानी — फर्श पर नमक पानी से पोछा (लोक उपाय)।
- 9तुलसी — तुलसी पत्र जल में डालकर छिड़काव।
पूजा पुनः आरंभ
शुद्धि के बाद मूर्तियां/चित्र साफ करें → पंचामृत स्नान → पुनः स्थापना → नियमित पूजा आरंभ।





