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अंतिम संस्कार📜 गरुड़ पुराण (Aaj Tak, Webdunia verified)2 मिनट पठन

गरुड़ पुराण का पाठ मृत्यु के बाद क्यों करते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

आत्मा का मार्गदर्शन (यमलोक यात्रा), प्रेत योनि से रक्षा, तर्पण से आत्मा को शक्ति। 13 दिन तक पाठ। परिजनों को धर्म ज्ञान। गरुड़ पुराण = ज्ञान ग्रंथ, सामान्य समय में भी पठनीय।

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विस्तृत उत्तर

मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ हिंदू अंतिम संस्कार का महत्वपूर्ण अंग है।

क्यों करते हैं

  1. 1आत्मा का मार्गदर्शन: गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा (यमलोक तक) का विस्तृत वर्णन है। पाठ सुनने से आत्मा को मार्ग मिलता है।
  2. 2कर्मफल ज्ञान: पाप-पुण्य के फल, नर्क-स्वर्ग, पुनर्जन्म — यह ज्ञान आत्मा और परिजनों दोनों के लिए।
  3. 3प्रेत योनि से मुक्ति: सही संस्कार न हो तो आत्मा प्रेत बनती है (गरुड़ पुराण)। पाठ से प्रेत योनि से रक्षा।
  4. 4परिजनों को ज्ञान: मृत्यु का दुख सहन करने और धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा।
  5. 5तर्पण की शक्ति: गरुड़ पुराण (Webdunia verified): *'व्यक्ति मरने के बाद ऊपर के लोक में सफर करता है — तर्पण से ही उसे आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है।'*

कब: मृत्यु के बाद 13 दिनों तक (दशगात्र/तेरहवीं तक) प्रतिदिन पाठ।

कौन करे: विद्वान ब्राह्मण/पंडित। परिवार के सदस्य सुनें।

ध्यान दें: कुछ विद्वानों का मत है कि गरुड़ पुराण केवल मृत्यु पर ही नहीं, सामान्य समय में भी पढ़ा जा सकता है — यह ज्ञान ग्रंथ है, भय का नहीं।

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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण (Aaj Tak, Webdunia verified)
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