विस्तृत उत्तर
दाह संस्कार (अंत्येष्टि) हिंदू धर्म का अंतिम संस्कार है। गरुड़ पुराण में विधि वर्णित।
चिता निर्माण विधि (पारंपरिक)
- 1स्थान — श्मशान घाट या नदी किनारे।
- 2लकड़ी — सूखी, शुद्ध लकड़ी। लंबाई शव से अधिक।
- 3आधार — नीचे मोटी लकड़ियां समानांतर; फिर उनके ऊपर आड़ी-तिरछी (cross pattern)।
- 4ऊंचाई — लगभग 2-3 फुट ऊंची।
- 5शव स्थापन — शव सिर उत्तर या दक्षिण (परंपरा अनुसार); पैर दक्षिण की ओर (सामान्यतः)।
- 6ऊपर लकड़ी — शव के ऊपर भी लकड़ियां रखें (ढकें)।
- 7घी/कपूर — चिता पर घी, कपूर, चंदन डालें — प्रज्वलन और सुगंध।
- 8मुखाग्नि — कर्ता (पुत्र/संबंधी) शव के मुख पर अग्नि लगाए।
आधुनिक: अधिकांश शहरों में विद्युत/गैस शवदाहगृह उपलब्ध — समान शास्त्रीय मान्यता; पर्यावरण अनुकूल।
ध्यान दें: दाह संस्कार की विस्तृत विधि कुल पुरोहित/पंडित से कराना सर्वोत्तम। क्षेत्र और कुल अनुसार विधि भिन्न।





