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अंत्येष्टि संस्कार📜 गरुड़ पुराण, अंत्येष्टि पद्धति1 मिनट पठन

दाह संस्कार में चिता कैसे बनाएं विधि सहित

संक्षिप्त उत्तर

चिता: श्मशान पर सूखी लकड़ी → आधार (समानांतर) → cross pattern → शव रखें (पैर दक्षिण) → ऊपर लकड़ी → घी/कपूर → मुखाग्नि। आधुनिक: विद्युत शवदाहगृह = शास्त्र मान्य। कुल पुरोहित से विधि कराएं।

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विस्तृत उत्तर

दाह संस्कार (अंत्येष्टि) हिंदू धर्म का अंतिम संस्कार है। गरुड़ पुराण में विधि वर्णित।

चिता निर्माण विधि (पारंपरिक)

  1. 1स्थान — श्मशान घाट या नदी किनारे।
  2. 2लकड़ी — सूखी, शुद्ध लकड़ी। लंबाई शव से अधिक।
  3. 3आधार — नीचे मोटी लकड़ियां समानांतर; फिर उनके ऊपर आड़ी-तिरछी (cross pattern)।
  4. 4ऊंचाई — लगभग 2-3 फुट ऊंची।
  5. 5शव स्थापन — शव सिर उत्तर या दक्षिण (परंपरा अनुसार); पैर दक्षिण की ओर (सामान्यतः)।
  6. 6ऊपर लकड़ी — शव के ऊपर भी लकड़ियां रखें (ढकें)।
  7. 7घी/कपूर — चिता पर घी, कपूर, चंदन डालें — प्रज्वलन और सुगंध।
  8. 8मुखाग्नि — कर्ता (पुत्र/संबंधी) शव के मुख पर अग्नि लगाए।

आधुनिक: अधिकांश शहरों में विद्युत/गैस शवदाहगृह उपलब्ध — समान शास्त्रीय मान्यता; पर्यावरण अनुकूल।

ध्यान दें: दाह संस्कार की विस्तृत विधि कुल पुरोहित/पंडित से कराना सर्वोत्तम। क्षेत्र और कुल अनुसार विधि भिन्न।

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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, अंत्येष्टि पद्धति
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