विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण + गीता — मृत्यु पूर्व कर्म:
दान: अन्नदान (सर्वोत्तम), गोदान, भूमिदान, विद्यादान, स्वर्णदान = महादान। यथाशक्ति; भाव > मात्रा।
क्षमा: सबसे क्षमा मांगें + सबको क्षमा करें = बोझ मुक्त आत्मा। ऋण मुक्ति: देव ऋण (पूजा), ऋषि ऋण (ज्ञान), पितृ ऋण (संतान/श्राद्ध)।
ईश्वर स्मरण: गीता/भागवत श्रवण। 'ॐ नमो नारायणाय'/'राम' जप। गीता 8.5: अंतिम स्मरण = गति निर्णय।
व्यावहारिक: वसीयत, परिवार = प्रेम व्यक्त करें (बाद पछतावा न हो)। तीर्थ जल (गंगाजल) मुख में।
सबसे बड़ा: जीवनभर अच्छे कर्म = सर्वोत्तम तैयारी। अंतिम = जीवन reflection।





