विस्तृत उत्तर
अहिंसा = हिंदू धर्म मूल सिद्धांत; गृहस्थ = पूर्ण अहिंसा कठिन पर अधिकतम संभव।
शारीरिक: किसी को मारना/हिंसा = पाप। शाकाहार = प्राणी हिंसा कम। कीट-पतंग = जानबूझकर न मारें। गो/पशु सेवा।
वाचिक: कटु वचन = हिंसा। 'सत्यं ब्रूयात्; प्रियं ब्रूयात्' = सत्य बोलो पर प्रिय। गाली/अपमान/निंदा = वाचिक हिंसा।
मानसिक: किसी का बुरा सोचना = मानसिक हिंसा। ईर्ष्या/द्वेष/क्रोध = अहिंसा भंग।
व्यावहारिक: 100% अहिंसा = असंभव (चलते समय कीट, साँस में जीवाणु)। अधिकतम प्रयास = पर्याप्त। गीता: अधर्म रोकने हेतु बल = अहिंसा नहीं, धर्म (अर्जुन)।

