विस्तृत उत्तर
शास्त्रों अनुसार गृहस्थ सबसे बड़े पाप:
अतिथि अपमान: भूखे को बिना खिलाए लौटाना = महापाप (तैत्तिरीय)। माता-पिता अपमान/उपेक्षा: देवता समान; उपेक्षा = सर्वाधिक पाप। पत्नी/पति से विश्वासघात: विवाह = पवित्र बंधन; छल = धर्म भंग। कृपणता: धन हो पर दान न करें; गरीब देखकर अनदेखा।
गीता दृष्टि: 'स्वधर्म त्याग' (3.35) = अपना कर्तव्य न करना। कर्म न करना (आलस्य) = तामसिक पाप।
सार: अन्य प्राणी का कष्ट देखकर अनदेखा = सबसे बड़ा। गृहस्थ = जिम्मेदारी; जिम्मेदारी से भागना = पाप।



