विस्तृत उत्तर
सत्संग = सत् (सत्य/अच्छा) + संग (साथ); अच्छे लोगों/संतों/ज्ञानियों का साथ।
महत्व: रामचरितमानस: 'बिनु सत्संग विवेक न होई' = सत्संग बिना विवेक नहीं। गीता = सत्संग से ज्ञान; ज्ञान से मुक्ति। तुलसीदास: 'एक घड़ी आधी घड़ी आधी में पुनि आध। तुलसी संगत साधु की हरे कोटि अपराध।' = आधी घड़ी सत्संग = करोड़ पाप नष्ट।
गृहस्थ हेतु: सांसारिक तनाव = सत्संग से शांति। बच्चों संस्कार। मार्गदर्शन (जीवन समस्या)। भक्ति+ज्ञान = बिना सन्यास।
कैसे: मंदिर/आश्रम सप्ताहिक। घर: भागवत/रामायण पाठ। Online: YouTube/podcast। परिवार = daily 15 min कथा।


