धर्म मार्गदर्शनशाकाहार हिंदू धर्म में अनिवार्य है क्या?अनिवार्य नहीं, पर उत्तम+प्रोत्साहित। अहिंसा=शाकाहार। गीता: सात्विक=शाक/फल। पर बंगाल/कश्मीर ब्राह्मण, शाक्त परंपरा=मांस। परंपरा/क्षेत्र पर निर्भर। धीरे-धीरे कम=श्रेष्ठ।#शाकाहार#मांसाहार#अनिवार्य
धर्म और आचारतप क्या बताया गया है?ब्रह्मचर्य, मौन, निराहार, अहिंसा और सर्वविध शान्ति तप बताए गए हैं।#तप#ब्रह्मचर्य#मौन
यमयोग में यम का मतलब क्या है?तप में प्रवृत्ति और विषय-भोगों से निवृत्ति को यम कहा गया है। अहिंसा इसका पहला हेतु है।#यम#तप#विषय निवृत्ति
श्राद्ध दर्शनक्या श्राद्ध में पशु हिंसा कर सकते हैं?नहीं, श्राद्ध में पशु हिंसा पूर्णतः वर्जित है। भागवत पुराण श्राद्ध में पशु-हिंसा और मांसाहार का पूर्णतः निषेध करता है। पितर सात्त्विक हविष्यान्न अर्थात् दूध, घी, कंद-मूल से ही प्रसन्न होते हैं। पशुबलि या किसी जीव की हत्या से प्राप्त अन्न पितरों को कभी तृप्ति नहीं देता।#पशु हिंसा वर्जित#अहिंसा#श्रीमद्भागवत
श्राद्ध दर्शनभागवत पुराण के अनुसार श्राद्ध में मांस चढ़ा सकते हैं?नहीं, भागवत पुराण श्राद्ध में पशु-हिंसा और मांसाहार का पूर्णतः निषेध करता है। देवर्षि नारद का स्पष्ट उपदेश है कि धर्म का मर्म जानने वाला श्राद्ध में मांस का अर्पण और भक्षण दोनों न करे। पितर सात्त्विक हविष्यान्न अर्थात् दूध, घी, कंद-मूल से ही प्रसन्न होते हैं, मांस से कभी नहीं।#भागवत पुराण#मांस वर्जित#अहिंसा
लोकयमपुरी का उत्तर द्वार क्यों श्रेष्ठ माना गया है?उत्तर द्वार सत्यवादियों, पितृभक्तों और अहिंसा पालन करने वालों के लिए है, इसलिए इसे उत्तम माना गया है।#यमपुरी उत्तर द्वार#सत्यवादी#पितृभक्त
अवतारवादबुद्ध अवतार का क्या महत्व है?बुद्ध अवतार (9वाँ): भागवत पुराण — गया में जन्मे। जीवों पर दया और अहिंसा का उपदेश दिया। वेदों का गलत अर्थ निकालकर पशु-बलि करने वालों को रोका।#बुद्ध अवतार#अहिंसा#पशु बलि
सावधानियाँजीवित सांप को दूध पिलाना सही है क्या?नहीं — शास्त्र इसका खंडन करते हैं। दूध सर्प का आहार नहीं है, यह अहिंसा का उल्लंघन है। शास्त्र में दूध 'पिलाने' नहीं बल्कि 'अर्पण/अभिषेक' करने का विधान है — पूजा प्रतिमा की करें।#जीवित सांप#दूध#अहिंसा
पूजा विधान और नियमकुक्कुटेश्वर शिवलिंग की पूजा के क्या नियम और निषेध हैं?साधना के लिए ब्रह्मचर्य और सत्यवादिता अनिवार्य है। मांस, मदिरा और किसी भी प्रकार की पशु-हिंसा (विशेषकर कुक्कुट भक्षण) यहाँ पूर्णतः वर्जित और निषिद्ध है।#पूजा नियम#ब्रह्मचर्य#तामसिक निषेध
शास्त्र ज्ञानअहिंसा परमो धर्मः का पूरा श्लोक क्या है?महाभारत, अनुशासन पर्व 115.23 — 'अहिंसा परमो धर्मस्तथाहिंसा परं तपः। अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥' अर्थ: अहिंसा परम धर्म, परम तप और परम सत्य है। 'धर्म हिंसा तथैव च' वाला अर्धश्लोक प्रामाणिक महाभारत में उपलब्ध नहीं है।#अहिंसा#महाभारत#धर्म
गृहस्थ धर्मगृहस्थ अहिंसा पालन कैसेशारीरिक (शाकाहार/कीट), वाचिक (कटु वचन=हिंसा), मानसिक (ईर्ष्या/द्वेष)। 100%=असंभव; अधिकतम प्रयास=पर्याप्त। अधर्म रोकना=धर्म (गीता)।#अहिंसा#गृहस्थ#पालन
हिंदू दर्शनकृष्ण ने महाभारत में युद्ध क्यों करवाया अहिंसा उल्लंघनपूरा श्लोक: 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्महिंसा तथैव च' — धर्म हेतु हिंसा भी धर्म। कृष्ण ने पहले सब शांति प्रयास किए (5 गांव भी नहीं मिले)। गीता 2.31 — क्षत्रिय का धर्म = अन्याय से लड़ना। अन्याय सहना = कायरता, अहिंसा नहीं।#कृष्ण#युद्ध#अहिंसा
त्योहार पूजामहावीर जयंती पर पूजा कैसे करें?महावीर जयंती: चैत्र शुक्ल 13। विधि: जिनालय दर्शन → अभिषेक (जल-दूध-चन्दन) → अष्टप्रकारी पूजा → णमोकार मंत्र → कल्पसूत्र कथा → रथयात्रा → सामायिक ध्यान → दान-जीवदया। पंच महाव्रत: अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह।#महावीर जयंती#जैन पूजा#तीर्थंकर
शास्त्र ज्ञानअहिंसा परमो धर्मः का पूरा श्लोक और अर्थ क्या?पूरा श्लोक: 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च।' अर्थ: अहिंसा परम धर्म है, पर धर्म-रक्षा हेतु हिंसा भी धर्म ही है। अक्सर अधूरा उद्धृत किया जाता है। महाभारत (अनुशासन पर्व) में वर्णित।#अहिंसा#परमो धर्मः#महाभारत