विस्तृत उत्तर
महावीर जयंती चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। यह जैन धर्म का सबसे प्रमुख पर्व है।
महावीर जयंती पूजा विधि
1. प्रातःकाल: स्नान करके शुद्ध श्वेत वस्त्र धारण करें।
2. जिनालय (जैन मन्दिर) दर्शन: प्रातःकाल जैन मन्दिर जाकर भगवान महावीर की प्रतिमा के दर्शन।
3. अभिषेक (जलाभिषेक): भगवान महावीर की प्रतिमा को जल, दूध, चन्दन, केसर जल से अभिषेक। 'ॐ ह्रीं श्री महावीराय नमः' मंत्र।
4. अष्टप्रकारी पूजा (जैन विधि): जल पूजा, चन्दन पूजा, पुष्प पूजा, धूप पूजा, दीप पूजा, अक्षत पूजा, नैवेद्य पूजा, फल पूजा — ये आठ प्रकार की पूजा जैन परम्परा में अत्यंत महत्वपूर्ण।
5. णमोकार मंत्र: जैन धर्म का सर्वोच्च मंत्र — 'णमो अरिहंताणं। णमो सिद्धाणं। णमो आइरियाणं। णमो उवज्झायाणं। णमो लोए सव्व साहूणं।'
6. महावीर जन्म कथा: कल्पसूत्र से महावीर जन्म कथा का पाठ/श्रवण। महावीर = कुण्डग्राम (वैशाली), माता त्रिशला, पिता सिद्धार्थ।
7. रथयात्रा: महावीर प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा (रथयात्रा) — नगर भ्रमण।
8. सामायिक और ध्यान: शांत बैठकर सामायिक (ध्यान), प्रतिक्रमण (आत्म-निरीक्षण)।
9. दान और सेवा: अन्नदान, औषधि दान, ज्ञान दान। अहिंसा और करुणा का संकल्प — जीवदया।
महावीर के पंच महाव्रत: अहिंसा, सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह (संग्रह न करना) — इनका स्मरण और पालन संकल्प।
ध्यान दें: यह मुख्यतः जैन धर्म का पर्व है। हिन्दू परम्परा में भी भगवान महावीर को अत्यंत सम्मानित माना जाता है। अहिंसा और करुणा का सन्देश सार्वभौमिक है।





