विस्तृत उत्तर
नदी स्नान मंत्र
सप्त नदी आह्वान (सभी नदी स्नान में)
*'गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती, नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु'*
= हे सातों नदियाँ, इस जल में उपस्थित हों।
गंगा स्नान विशेष
*'ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः'*
सामान्य स्नान (किसी भी जल)
*'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा, यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः'*
= पवित्र/अपवित्र किसी भी अवस्था में, विष्णु स्मरण = शुद्ध।
सरलतम: 3 बार डुबकी — प्रत्येक पर 'ॐ नमः शिवाय' या 'हर हर गंगे' (गंगा में)।





