विस्तृत उत्तर
दान = यथाशक्ति — कोई निश्चित राशि नहीं।
गीता (17.20): सात्विक दान = बिना प्रत्युपकार, योग्य पात्र, उचित समय-स्थान। राशि नहीं, भाव महत्वपूर्ण।
व्यावहारिक मार्गदर्शन
- ▸गरीब व्यक्ति = ₹11-51 भी शुद्ध भाव से = करोड़ से अधिक।
- ▸मध्यम = यात्रा खर्च का 10-15% दान = उचित।
- ▸सम्पन्न = यथाशक्ति उदारता।
- ▸अन्नदान = सर्वश्रेष्ठ दान (भोजन = जीवनदान)।
- ▸वस्त्रदान = गरीब को।
- ▸विद्यादान = पुस्तक/शिक्षा।
⚠️ सावधानी: पंडा/पुरोहित अत्यधिक दक्षिणा माँगें = मना करें। ज़बरदस्ती दान ≠ पुण्य। दिखावा दान = निष्फल। शांत भाव, गुप्त दान = सर्वोत्तम।





