विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवतमाहात्म्य में घर में भागवत कथा का फल स्पष्ट बताया गया है। सनकादि कहते हैं कि जिस घर में नित्य श्रीमद्भागवत की कथा होती है, वह घर तीर्थरूप हो जाता है। उस घर में रहने वाले लोगों के पाप नष्ट होते हैं। यह कथन भागवत की महिमा के प्रसंग में आता है, जहाँ पहले कहा गया है कि भागवत के श्रवण से श्रीहरि हृदय में प्रकट होते हैं और जीव संसारचक्र से छूटने की दिशा पाता है। इसलिए स्रोत के अनुसार घर में भागवत कथा कराना घर को पवित्र तीर्थ जैसा बनाता है और निवासियों के पापों का नाश करता है।
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